West Bengal Assembly Election Result 2021 Bhabanipur Seat Tmc Sovandeb Chattopadhyay Bjp Rudranil Ghosh Winning Candidate Runner Up Vote Share – भवानीपुर का गढ़: शोभनदेव बचाएंगे दीदी की साख या भाजपा मारेगी बाजी, जानें यहां का वोट शेयर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: वर्तिका तोलानी
Updated Sun, 02 May 2021 07:11 AM IST

सार

वर्तमान विधानसभा चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को चुनौती देने के लिए नंदीग्राम का रुख कर लिया। ऐसे में यहां दीदी की साख बचाने की जिम्मेदारी शोभनदेव चट्टोपाध्याय को मिली है।

शोभनदेव चट्टोपाध्याय
– फोटो : अमर उजाला

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पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच अधिकतर सीटों पर कांटे का मुकाबला है। इनमें भवानीपुर सीट भी शामिल है, जो 2011 से ममता बनर्जी का गढ़ बनी हुई है। दरअसल, 2011 में दीदी ने इस सीट पर कब्जा जमाया और 2016 में भी उसे बरकरार रखा। 
वर्तमान विधानसभा चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को चुनौती देने के लिए नंदीग्राम का रुख कर लिया। ऐसे में यहां दीदी की साख बचाने की जिम्मेदारी शोभनदेव चट्टोपाध्याय को मिली है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा के रुद्रनिल घोष से है। वहीं, कांग्रेस ने मोम्मद शादाब खान पर दांव खेला है। बता दें कि भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनावी समर में कुल 9 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। 
2016 का चुनावी मुकाबला
भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के कोलकाता दक्षिण जिले में आती है। पिछले दो चुनावों से सत्तारुढ़ दल टीएमसी का कब्जा है। यह राज्य की सबसे हाईप्रोफाइल सीट है, क्योंकि यहां से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वर्तमान में विधायक हैं। 2016 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दीपा दासमुंशी को 25 हजार 301 वोटों के अंतर से हराया था।

कुल वोटरों की संख्या
2016 में ममता बनर्जी को 65520 मिले थे, जबकि दीपा दासमुंशी के खाते में 40219 वोट गए थे। भाजपा उस वक्त तीसरे नंबर पर रही थी, जिसके प्रत्याशी को 26 हजार से अधिक वोट प्राप्त हुए थे। भवानीपुर विधानसभा सीट पर पहली बार साल 1952 में वोट डाले गए थे, जिसमें कांग्रेस के प्रत्याशी को जीत मिली थी। साल 1967 के चुनाव के बाद इस सीट को समाप्त कर दिया गया। 2011 में यह सीट अस्तित्व में आई तो टीएमसी ने इस पर कब्जा जमा लिया।

विस्तार

पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच अधिकतर सीटों पर कांटे का मुकाबला है। इनमें भवानीपुर सीट भी शामिल है, जो 2011 से ममता बनर्जी का गढ़ बनी हुई है। दरअसल, 2011 में दीदी ने इस सीट पर कब्जा जमाया और 2016 में भी उसे बरकरार रखा। 

वर्तमान विधानसभा चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को चुनौती देने के लिए नंदीग्राम का रुख कर लिया। ऐसे में यहां दीदी की साख बचाने की जिम्मेदारी शोभनदेव चट्टोपाध्याय को मिली है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा के रुद्रनिल घोष से है। वहीं, कांग्रेस ने मोम्मद शादाब खान पर दांव खेला है। बता दें कि भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनावी समर में कुल 9 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। 

2016 का चुनावी मुकाबला

भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के कोलकाता दक्षिण जिले में आती है। पिछले दो चुनावों से सत्तारुढ़ दल टीएमसी का कब्जा है। यह राज्य की सबसे हाईप्रोफाइल सीट है, क्योंकि यहां से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वर्तमान में विधायक हैं। 2016 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दीपा दासमुंशी को 25 हजार 301 वोटों के अंतर से हराया था।

कुल वोटरों की संख्या

2016 में ममता बनर्जी को 65520 मिले थे, जबकि दीपा दासमुंशी के खाते में 40219 वोट गए थे। भाजपा उस वक्त तीसरे नंबर पर रही थी, जिसके प्रत्याशी को 26 हजार से अधिक वोट प्राप्त हुए थे। भवानीपुर विधानसभा सीट पर पहली बार साल 1952 में वोट डाले गए थे, जिसमें कांग्रेस के प्रत्याशी को जीत मिली थी। साल 1967 के चुनाव के बाद इस सीट को समाप्त कर दिया गया। 2011 में यह सीट अस्तित्व में आई तो टीएमसी ने इस पर कब्जा जमा लिया।


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