Maharashtra: Bjp Has Declared Rajhans Singh As The Candidate Of The Legislative Council – मुंबई से भाजपा ने राजहंस सिंह को बनाया विधान परिषद का उम्मीदवार

अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 20 Nov 2021 08:14 PM IST

सार

मुंबई नगर निकाय कोटे से चुनी जाने वाली इस सीट पर भाजपा में ‘एक अनार सौ बीमार’ वाली स्थिति थी। दिग्गज भाजपा नेता पूर्व मंत्री विनोद तावड़े से लेकर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, चित्रा वाघ, प्रदेश उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय से लेकर संजय उपाध्याय तक दावेदार थे…

मुंबई महानगरपालिका

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– फोटो : Agency (File Photo)

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विस्तार

महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा ने मुंबई से पूर्व विधायक राजहंस सिंह को विधान परिषद का उम्मीदवार घोषित किया है। आगामी फरवरी में होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले उत्तर भारतीय को उम्मीदवारी देकर भाजपा ने सत्ताधारी दल शिवसेना और कांग्रेस को चकित कर दिया है।

राजहंस सिंह का मुंबई महानगरपालिका से पुराना नाता रहा है। मुंबई में उनका जन्म हुआ लेकिन वह मूलतः उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मड़ियाहूं तहसील स्थित असवां गांव के निवासी हैं। सिंह मुंबई निकाय सीट से पहले ऐसे उम्मीदवार हैं जो 15 साल तक पार्षद चुने जा चुके हैं। इसके अलावा लगातार आठ साल तक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर विपक्ष की बुलंद आवाज रहे हैं। राजहंस सिंह न केवल उत्तर भारतीय हैं बल्कि मुंबई के वार्ड स्तर तक की समझ रखने वाले अनुभवी नेता माने जाते हैं। साल 1992 में पहली बार बीएमसी का चुनाव जीते और फिर साल 2002 से 2012 तक पार्षद रहे। उसके बाद वह दिंडोशी सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए। लेकिन उसके बाद 2017 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। करीब पांच साल के लंबे इंतजार और पार्टी के प्रति वफादारी का उन्हें लाभ मिला।

दिग्गजों को पछाड़ सिंघम बने राजहंस सिंह

मुंबई नगर निकाय कोटे से चुनी जाने वाली इस सीट पर भाजपा में ‘एक अनार सौ बीमार’ वाली स्थिति थी। दिग्गज भाजपा नेता पूर्व मंत्री विनोद तावड़े से लेकर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, चित्रा वाघ, प्रदेश उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय से लेकर संजय उपाध्याय तक दावेदार थे। लेकिन, दिग्गजों को पछाड़कर वे सिंघम के रूप में दिखाई दिए हैं। अब फरवरी 2022 के चुनाव में बीएमसी में भाजपा का कमल खिलाने की बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि बीएमसी चुनाव में भाजपा का दारोमदार 50 लाख उत्तर भारतीयों मतदाओं पर टिका है।

क्या है जीत का समीकरण

बीएमसी पार्षदों के जरिए होने वाले इस चुनाव में भाजपा को पहली बार जीत की संभावना है। इससे पहले पार्षदों की संख्या कम होने के कारण शिवसेना और कांग्रेस के प्रत्याशी चुने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस को झटका लगा है। बीएमसी में शिवसेना के 99 तो भाजपा के 83 पार्षद हैं। वहीं, कांग्रेस के 29 और एनसीपी के पार्षदों की संख्या 11 हैं। जीत के लिए राजहंस सिंह को मात्र 77 मत की आवश्यकता है। इससे शिवसेना और भाजपा के उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है


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