‘if The Money Was Not Given, Then Imposed Duty For 13 Hours, Said Abusive Words On Asking For Leave’ – ‘पैसे नहीं दिए तो 13 घंटे की ड्यूटी लगाई, छुट्टी मांगने पर बोले अपशब्द’

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नई दिल्ली। दक्षिण जिले के कोटला मुबारकपुर थाने में तैनात एक एसआई ने अपने ही थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसीपी (डिफेंस कॉलोनी) और वरिष्ठ अधिकारियों को दी शिकायत में एसआई ने थाना प्रभारी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। उसने पिकेट पर 13 घंटे की ड्यूटी लगाने और छुट्टी मांगने पर अपशब्द बोलने का आरोप लगाया है।
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित एसआई ने अपनी शिकायत में लिखा है कि कुछ दिन पहले ही उसका ट्रांसफर पुलिस लाइन से थाने में किया गया है। थाने आने के बाद वह थाना प्रभारी से जाकर मिला। उसकी ड्यूटी इलाके में लगा दी गई। इसके बाद से थाना प्रभारी उससे पैसों की मांग करने लगे।
मना करने पर थाने में तैनात चिठ्ठा मुंशी के जरिये उस पर पैसा देने का दबाव बनाया गया। उसके बाद उसे लगातार 13 घंटे की ड्यूटी लगाकर परेशान किया जाने लगा। छुट्टी देने की बात कहने पर चिठ्ठा मुंशी ने थाना प्रभारी से बात करने के लिए कहा। जब थाना प्रभारी से मिला तो उसने अपशब्द कहे। परेशान होकर उसने थाना प्रभारी की शिकायत एसीपी से की, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद एसआई ने थाने में डीडी एंट्री कर दी। आनन-फानन में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
‘डिप्रेशन में हूं, कुछ भी कर सकता हूं’
एसआई ने अपनी शिकायत में थाना प्रभारी और चिठ्ठा मुंशी के व्यवहार के चलते डिप्रेशन में जाने की बात लिखी है और कहा है कि वह अब कुछ भी कर सकता है। उसने अधिकारियों से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है।

नई दिल्ली। दक्षिण जिले के कोटला मुबारकपुर थाने में तैनात एक एसआई ने अपने ही थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसीपी (डिफेंस कॉलोनी) और वरिष्ठ अधिकारियों को दी शिकायत में एसआई ने थाना प्रभारी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। उसने पिकेट पर 13 घंटे की ड्यूटी लगाने और छुट्टी मांगने पर अपशब्द बोलने का आरोप लगाया है।

जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित एसआई ने अपनी शिकायत में लिखा है कि कुछ दिन पहले ही उसका ट्रांसफर पुलिस लाइन से थाने में किया गया है। थाने आने के बाद वह थाना प्रभारी से जाकर मिला। उसकी ड्यूटी इलाके में लगा दी गई। इसके बाद से थाना प्रभारी उससे पैसों की मांग करने लगे।

मना करने पर थाने में तैनात चिठ्ठा मुंशी के जरिये उस पर पैसा देने का दबाव बनाया गया। उसके बाद उसे लगातार 13 घंटे की ड्यूटी लगाकर परेशान किया जाने लगा। छुट्टी देने की बात कहने पर चिठ्ठा मुंशी ने थाना प्रभारी से बात करने के लिए कहा। जब थाना प्रभारी से मिला तो उसने अपशब्द कहे। परेशान होकर उसने थाना प्रभारी की शिकायत एसीपी से की, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद एसआई ने थाने में डीडी एंट्री कर दी। आनन-फानन में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।

‘डिप्रेशन में हूं, कुछ भी कर सकता हूं’

एसआई ने अपनी शिकायत में थाना प्रभारी और चिठ्ठा मुंशी के व्यवहार के चलते डिप्रेशन में जाने की बात लिखी है और कहा है कि वह अब कुछ भी कर सकता है। उसने अधिकारियों से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है।


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