Himachal News: Una Resident Shanti Swaroop Feeding And Water For Birds In Summer – जंगली जानवरों और परिंदों की भूख-प्यास मिटा रहे हैं शांति स्वरूप

एसडी शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, मैहतपुर (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 17 May 2021 02:03 PM IST

पक्षियों के लिए पानी रखते शांति स्वरूप और अन्य।
– फोटो : अमर उजाला

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इंसान किसी इंसान के काम आए यह बात सुनी और देखी जा सकती है, लेकिन अगर कोई इंसान जंगली जानवरों और परिंदों के काम आए तो है वह किसी फरिश्ते से कम नहीं। बहडाला तथा चताड़ा ग्राम पंचायतों को आपस में जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के साथ लगते घने जंगल में जहां पानी की एक बूंद तक नहीं है, वहां जंगली जानवरों तथा परिंदों को दाना-पानी उपलब्ध करवाना किसी पुण्य से कम नहीं है।

इस पुनीत कार्य को अंजाम दे रहे है स्थानीय नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा के वार्ड-2 निवासी शांति स्वरूप शर्मा। विद्युत बोर्ड से वरिष्ठ लेखाकार सेवामुक्त होने के बाद जानवरों और परिंदों की सेवा को ही अपना धर्म मानते हुए पिछले चार-पांच वर्षों से इस कार्य में जुटे हैं। इस कार्य में उनके सहयोगी हैं उन्हीं के विभाग से सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर रामपाल सहोड़ तथा अधीक्षक पद से सेवा मुक्त राममूर्ति। 

जंगल में कम से कम 20 से 25 पेड़ों पर परिंदों के लिए पानी पीने का साधन बनाया है। टैंकर से पानी ले जाकर स्टोर करते हैं। फिर वहां से छोटी पाइप से जंगल तक पानी पहुंचाकर जंगली जानवरों मोर, कक्कड़, जंगली सूअर, जंगली मुर्गे, नीलगाय, सांभर तथा अन्य जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करते हैं।

यहां सुबह-शाम जंगली जानवर प्यास बुझाते हैं। परिंदों के लिए घर से पानी ले जाकर उनके लिए पानी की व्यवस्था शांति स्वरूप कई वर्षों से करते आ रहे हैं। पंडित शांति स्वरूप शर्मा का मानना है कि सेवा में दिखावा नहीं होना चाहिए और वह इस दिखावे से दूर जंगल में जानवरों, परिंदों  के लिए दाना पानी उपलब्ध करवाकर सुकून महसूस करते हैं।

इंसान किसी इंसान के काम आए यह बात सुनी और देखी जा सकती है, लेकिन अगर कोई इंसान जंगली जानवरों और परिंदों के काम आए तो है वह किसी फरिश्ते से कम नहीं। बहडाला तथा चताड़ा ग्राम पंचायतों को आपस में जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के साथ लगते घने जंगल में जहां पानी की एक बूंद तक नहीं है, वहां जंगली जानवरों तथा परिंदों को दाना-पानी उपलब्ध करवाना किसी पुण्य से कम नहीं है।

इस पुनीत कार्य को अंजाम दे रहे है स्थानीय नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा के वार्ड-2 निवासी शांति स्वरूप शर्मा। विद्युत बोर्ड से वरिष्ठ लेखाकार सेवामुक्त होने के बाद जानवरों और परिंदों की सेवा को ही अपना धर्म मानते हुए पिछले चार-पांच वर्षों से इस कार्य में जुटे हैं। इस कार्य में उनके सहयोगी हैं उन्हीं के विभाग से सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर रामपाल सहोड़ तथा अधीक्षक पद से सेवा मुक्त राममूर्ति। 

जंगल में कम से कम 20 से 25 पेड़ों पर परिंदों के लिए पानी पीने का साधन बनाया है। टैंकर से पानी ले जाकर स्टोर करते हैं। फिर वहां से छोटी पाइप से जंगल तक पानी पहुंचाकर जंगली जानवरों मोर, कक्कड़, जंगली सूअर, जंगली मुर्गे, नीलगाय, सांभर तथा अन्य जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करते हैं।

यहां सुबह-शाम जंगली जानवर प्यास बुझाते हैं। परिंदों के लिए घर से पानी ले जाकर उनके लिए पानी की व्यवस्था शांति स्वरूप कई वर्षों से करते आ रहे हैं। पंडित शांति स्वरूप शर्मा का मानना है कि सेवा में दिखावा नहीं होना चाहिए और वह इस दिखावे से दूर जंगल में जानवरों, परिंदों  के लिए दाना पानी उपलब्ध करवाकर सुकून महसूस करते हैं।


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