Corona Vaccine Booster Dose: Concern For Elderly, Health Workers, Front Line Workers, Singhdevs Letter To Minister Mandaviya – बूस्टर डोज लगाएं: बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्करों की चिंता, मंत्री मंडाविया को सिंहदेव का पत्र

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 23 Nov 2021 10:34 PM IST

सार

टीकाकरण से महामारी पर नियंत्रण पाया गया है, लेकिन कुछ हिस्सों में अब भी रोज नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में टीकों के बूस्टर डोज की मांग होने लगी है। 
 

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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर कोरोना रोधी टीके के बूस्टर डोज लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को कोविड रोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाना चाहिए।

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की अगली बैठक में बूस्टर खुराक के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें देश की सभी वयस्क आबादी के लिए कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने पर विचार होगा। 

डॉ. भार्गव बोले, अभी जरूरत नहीं
बूस्टर डोज देने की मांग भले जोर पकड़ रही है, लेकिन आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव बीते दिनों इसकी जरूरत को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि बूस्टर डोज की जरूरत के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसके बजाए देश की टीकों की पात्र वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक तेजी से दी जाना चाहिए। सरकार इस पर सर्वाधिक जोर दे रही है। डॉ. भार्गव ने कहा कि सरकार बूस्टर डोज पर सीधा फैसला नहीं ले सकती। जब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और विशेषज्ञ टीम कहेगी कि बूस्टर डोज दी जानी चाहिए, तब हम इस पर विचार करेंगे।

टीकों का पर्याप्त स्टॉक : मंडाविया
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था कि देश में कोरोना वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक है। सरकार का लक्ष्य दोनों खुराक के साथ बड़ी आबादी का टीकाकरण पूरा करना है। उसके बाद विशेषज्ञ की राय के आधार पर ही बूस्टर डोज का निर्णय लेंगे।

विस्तार

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर कोरोना रोधी टीके के बूस्टर डोज लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को कोविड रोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाना चाहिए।

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की अगली बैठक में बूस्टर खुराक के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें देश की सभी वयस्क आबादी के लिए कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने पर विचार होगा। 

डॉ. भार्गव बोले, अभी जरूरत नहीं

बूस्टर डोज देने की मांग भले जोर पकड़ रही है, लेकिन आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव बीते दिनों इसकी जरूरत को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि बूस्टर डोज की जरूरत के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसके बजाए देश की टीकों की पात्र वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक तेजी से दी जाना चाहिए। सरकार इस पर सर्वाधिक जोर दे रही है। डॉ. भार्गव ने कहा कि सरकार बूस्टर डोज पर सीधा फैसला नहीं ले सकती। जब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और विशेषज्ञ टीम कहेगी कि बूस्टर डोज दी जानी चाहिए, तब हम इस पर विचार करेंगे।

टीकों का पर्याप्त स्टॉक : मंडाविया

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था कि देश में कोरोना वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक है। सरकार का लक्ष्य दोनों खुराक के साथ बड़ी आबादी का टीकाकरण पूरा करना है। उसके बाद विशेषज्ञ की राय के आधार पर ही बूस्टर डोज का निर्णय लेंगे।


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