Cm Nitish Kumar Facing Rift In Nda Over Liquor Ban As Bjp Mla Hari Bhushan Thakur Asks To Repeal It – शराबबंदी: भाजपा विधायक ने की कानून वापस लेने की मांग, एनडीए में ही घिर गए नीतीश कुमार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 23 Nov 2021 10:35 PM IST

सार

राज्य में शराब के सेवन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य की नीतीश कुमार सरकार का सख्त रुख साफ दिख रहा है। लेकिन, अब उन्हीं की सहयोगी भाजपा के विधायक ने उनसे इस कानून को वापस लेने की मांग की है।

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बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने पर राज्य सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। राज्य में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं की ओर से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भगवा दल के विधायक हरि भूषण ठाकुर ने नीतीश कुमार से इस प्रतिबंध को वापस लेने की मांग की है। 

ठाकुर ने कहा जो इसे (शराबबंदी) लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं वह इसका उल्लंघन कर रहे हैं। परिणामस्वरूप माफियाओं और शराब विक्रेताओं के स्थान पर छात्रों को जेल में बंद किया जा रहा है। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि जिस तरह कृषि कानूनों को वापस लिया गया है वैसे ही इसे भी वापस लें और इससे निपटने का कोई और रास्ता ढूंढें।

भाजपा विधायक ने कहा कि यह कानून अच्छी नीयत के साथ बनाया गया था लेकिन इसे लागू करने में गड़बड़ी हो गई। शराब माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत ने इस नियम के उद्देश्य के असफल कर गिया है। ठाकुर ने आगे कहा कि इस कानून की आड़ में दो दिन पहले पटना में जैसी छापेमारी की गई वह बेहद शर्मनाक और डराने वाली है।

नीतीश कुमार ने किया है पुलिस का बचाव
बता दें कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस की छापेमारी पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी इसे लेकर नीतीश कुमार को निशाने पर लिया था। वहीं, नीतीश ने पुलिस की छापेमारी को लेकर एक दिन पहले कहा था कि अगर पुलिस को ऐसी शिकायत मिलती है कि शादी में शराब दी जा रही है तो वह कार्रवाई जरूर करेगी।

विस्तार

बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने पर राज्य सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। राज्य में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं की ओर से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भगवा दल के विधायक हरि भूषण ठाकुर ने नीतीश कुमार से इस प्रतिबंध को वापस लेने की मांग की है। 

ठाकुर ने कहा जो इसे (शराबबंदी) लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं वह इसका उल्लंघन कर रहे हैं। परिणामस्वरूप माफियाओं और शराब विक्रेताओं के स्थान पर छात्रों को जेल में बंद किया जा रहा है। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि जिस तरह कृषि कानूनों को वापस लिया गया है वैसे ही इसे भी वापस लें और इससे निपटने का कोई और रास्ता ढूंढें।

भाजपा विधायक ने कहा कि यह कानून अच्छी नीयत के साथ बनाया गया था लेकिन इसे लागू करने में गड़बड़ी हो गई। शराब माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत ने इस नियम के उद्देश्य के असफल कर गिया है। ठाकुर ने आगे कहा कि इस कानून की आड़ में दो दिन पहले पटना में जैसी छापेमारी की गई वह बेहद शर्मनाक और डराने वाली है।

नीतीश कुमार ने किया है पुलिस का बचाव

बता दें कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस की छापेमारी पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी इसे लेकर नीतीश कुमार को निशाने पर लिया था। वहीं, नीतीश ने पुलिस की छापेमारी को लेकर एक दिन पहले कहा था कि अगर पुलिस को ऐसी शिकायत मिलती है कि शादी में शराब दी जा रही है तो वह कार्रवाई जरूर करेगी।


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