Clear The Way For Chandigarh Municipal Corporation Elections – चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव का रास्ता साफ, आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 24 Nov 2021 02:08 AM IST

सार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव में आरक्षण के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जनसंख्या का आंकड़ा एक्ट के मुताबिक ही लिया गया है।

ख़बर सुनें

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर लगातार बनी असमंजस की स्थिति को स्पष्ट करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव में आरक्षण के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि एक्ट के अनुसार जनगणना का आंकड़ा लिया गया है और ऐसे में इसे गलत नहीं कह सकते।

शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़ के महासचिव शिव कुमार और आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के नेता शकील मोहम्मद ने वार्डों को आरक्षित करने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने याचिका में बताया था कि 2011 से 2021 के बीच कई कालोनियों को तोड़ा, हटाया या अन्य जगह भेजा गया है। कई कालोनियां ऐसी हैं जो अब अस्तित्व में ही नहीं है।

वार्ड आरक्षित करते हुए ऐसी कालोनियों की जनसंख्या को आधार बनाया गया है, जो अब हैं ही नहीं। याचिकाकर्ता ने इस बारे में आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी तो इसके जवाब में एरिया के अनुसार जानकारी न देकर वार्ड के अनुसार जानकारी दी गई। याचिकाकर्ता ने बताया था कि 2011 की जनसंख्या को आधार बनाकर कैसे वार्ड आरक्षित किए जा सकते हैं।

आरोप लगाया गया था कि वार्ड 7, 16, 19, 24, 26, 28 व 31 को इसी तरह आरक्षित रखने का फैसला लिया गया है। ऐसे में याचिकाकर्ता ने वार्ड आरक्षित करने के चुनाव आयोग के 19 अक्तूबर के फैसले को रद्द किए जाने की मांग की थी।

इसके जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल अनिल मेहता ने हाईकोर्ट को बताया कि जिन वार्ड से अन्य वार्ड में लोगों के शिफ्ट होने की बात की जा रही है, उन वार्ड से अन्य जगह लोगों के शिफ्ट होने के बावजूद भी वहां की जनसंख्या 50 हजार से ज्यादा है और जहां तक यह आरोप कि जनसंख्या के नए आंकड़ों के अनुसार यह निर्णय लिया जाना चाहिए था तो हाईकोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट भी अपने एक फैसले में यह तय कर चुका है कि जनसंख्या के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार ही निर्णय लिया जाए तो यह निर्णय 2011 के आंकड़ों के अनुसार लिया गया है, क्योंकि फिलहाल वही आंकड़े उपलब्ध हैं।

सोमवार को हुई चुनाव की घोषणा का प्रशासन ने किया बचाव
सोमवार को राज्य चुनाव आयोग ने शहर के निगम चुनाव करवाने के लिए 24 दिसंबर की तारीख की घोषणा की थी। हाईकोर्ट गत सप्ताह वीरवार को प्रशासन को कह चुका था कि चुनाव घोषित न किए जाएं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जब नाराजगी जताई तो प्रशासन ने बताया कि अभी सिर्फ चुनाव घोषित किए गए हैं, इसकी नोटिफिकेशन नहीं की गई है। चुनाव की नोटिफिकेशन स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की जानी है।

विस्तार

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर लगातार बनी असमंजस की स्थिति को स्पष्ट करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव में आरक्षण के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि एक्ट के अनुसार जनगणना का आंकड़ा लिया गया है और ऐसे में इसे गलत नहीं कह सकते।

शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़ के महासचिव शिव कुमार और आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के नेता शकील मोहम्मद ने वार्डों को आरक्षित करने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने याचिका में बताया था कि 2011 से 2021 के बीच कई कालोनियों को तोड़ा, हटाया या अन्य जगह भेजा गया है। कई कालोनियां ऐसी हैं जो अब अस्तित्व में ही नहीं है।

वार्ड आरक्षित करते हुए ऐसी कालोनियों की जनसंख्या को आधार बनाया गया है, जो अब हैं ही नहीं। याचिकाकर्ता ने इस बारे में आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी तो इसके जवाब में एरिया के अनुसार जानकारी न देकर वार्ड के अनुसार जानकारी दी गई। याचिकाकर्ता ने बताया था कि 2011 की जनसंख्या को आधार बनाकर कैसे वार्ड आरक्षित किए जा सकते हैं।

आरोप लगाया गया था कि वार्ड 7, 16, 19, 24, 26, 28 व 31 को इसी तरह आरक्षित रखने का फैसला लिया गया है। ऐसे में याचिकाकर्ता ने वार्ड आरक्षित करने के चुनाव आयोग के 19 अक्तूबर के फैसले को रद्द किए जाने की मांग की थी।

इसके जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल अनिल मेहता ने हाईकोर्ट को बताया कि जिन वार्ड से अन्य वार्ड में लोगों के शिफ्ट होने की बात की जा रही है, उन वार्ड से अन्य जगह लोगों के शिफ्ट होने के बावजूद भी वहां की जनसंख्या 50 हजार से ज्यादा है और जहां तक यह आरोप कि जनसंख्या के नए आंकड़ों के अनुसार यह निर्णय लिया जाना चाहिए था तो हाईकोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट भी अपने एक फैसले में यह तय कर चुका है कि जनसंख्या के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार ही निर्णय लिया जाए तो यह निर्णय 2011 के आंकड़ों के अनुसार लिया गया है, क्योंकि फिलहाल वही आंकड़े उपलब्ध हैं।

सोमवार को हुई चुनाव की घोषणा का प्रशासन ने किया बचाव

सोमवार को राज्य चुनाव आयोग ने शहर के निगम चुनाव करवाने के लिए 24 दिसंबर की तारीख की घोषणा की थी। हाईकोर्ट गत सप्ताह वीरवार को प्रशासन को कह चुका था कि चुनाव घोषित न किए जाएं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जब नाराजगी जताई तो प्रशासन ने बताया कि अभी सिर्फ चुनाव घोषित किए गए हैं, इसकी नोटिफिकेशन नहीं की गई है। चुनाव की नोटिफिकेशन स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की जानी है।


Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button