Chandigarh Health Department Has Again Started The Process Of Operation Of Covid Wards  – चंडीगढ़ में ओमिक्रॉन की आहट: कोविड वार्डों का संचालन शुरू, मरीजों की सर्जरी पर फिर संकट के बादल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 30 Nov 2021 03:18 PM IST

सार

जीएमसीएच-32 और पीजीआई के पास अलग कोविड अस्पताल होने से वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन जीएमएसएच-16 में एक बार फिर बेड की कमी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है।

सेक्टर 16 अस्पताल।
– फोटो : अमर उजाला

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चंडीगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने फिर से कोविड वार्डों के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे एक बार फिर मरीजों की सर्जरी के टलने की आशंका बढ़ गई है। महामारी के कारण पहले ही सर्जरी के मरीजों को डेढ़ साल तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। अब तीसरी लहर की आशंका के चलते तैयारियां शुरू होने से इलाज में रुकावट की स्थिति बनने लगी है।

जीएमसीएच-32 और पीजीआई के पास अलग कोविड अस्पताल होने से वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन जीएमएसएच-16 में एक बार फिर बेड की कमी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है। बेड की कमी के कारण सामान्य सर्जरी के मरीजों को डेट देने की प्रक्रिया सीमित कर दी गई है। कारण 84 बेड के सर्जरी वार्ड का घटकर 42 का होना है, इसलिए मरीजों की संख्या नियंत्रित करना जरूरी हो गया है।

जून से अब तक हुईं सैकड़ों सर्जरी
कोविड के कारण अस्पतालों की ओपीडी के साथ सामान्य सर्जरी पर भी रोक लगा दी गई थी। सिर्फ ट्रॉमा और इमरजेंसी के मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा था। जीएमएसएच-16 की मार्च 2020 में बंद हुई सर्जरी पूर्ण रूप से जून 2021 में बहाल हुई है। वहीं, जीएमसीएच-32 व पीजीआई में यह सुविधा जुलाई के अंत तक लागू हो सकी। उसके बाद से अब तक इन तीनों अस्पतालों में 5600 सर्जरी हो चुकी है, लेकिन अब भी हजारों मरीज तारीख के इंतजार में हैं।

मेल और फीमेल वार्ड एक में
कोविड वार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच-16 के दो सर्जिकल वार्ड को एक करते हुए पुरुष व महिला मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था लागू कर दी है। ऐसे में मरीजों का कहना है कि कोविड के कारण स्थिति महीनों बाद सामान्य हो पाई है। इस दौरान प्रशासन को आपातकाल से बचाव के लिए अतिरिक्त व्यवस्था कर लेनी चाहिए ताकि तीसरी लहर की नौबत आने पर नॉन कोविड मरीजों का इलाज बाधित न करना पड़े।

कहां-कहां कोविड वार्ड
अस्पताल                    ऑक्सीजन           बेड आईसीयू

पीजीआई                       46                        12
जीएमसीएच-32               62                         8
जीएमएसएच-16              41                         8
सेक्टर-48 का अस्पताल    120                        0

विस्तार

चंडीगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने फिर से कोविड वार्डों के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे एक बार फिर मरीजों की सर्जरी के टलने की आशंका बढ़ गई है। महामारी के कारण पहले ही सर्जरी के मरीजों को डेढ़ साल तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। अब तीसरी लहर की आशंका के चलते तैयारियां शुरू होने से इलाज में रुकावट की स्थिति बनने लगी है।

जीएमसीएच-32 और पीजीआई के पास अलग कोविड अस्पताल होने से वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन जीएमएसएच-16 में एक बार फिर बेड की कमी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है। बेड की कमी के कारण सामान्य सर्जरी के मरीजों को डेट देने की प्रक्रिया सीमित कर दी गई है। कारण 84 बेड के सर्जरी वार्ड का घटकर 42 का होना है, इसलिए मरीजों की संख्या नियंत्रित करना जरूरी हो गया है।

जून से अब तक हुईं सैकड़ों सर्जरी

कोविड के कारण अस्पतालों की ओपीडी के साथ सामान्य सर्जरी पर भी रोक लगा दी गई थी। सिर्फ ट्रॉमा और इमरजेंसी के मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा था। जीएमएसएच-16 की मार्च 2020 में बंद हुई सर्जरी पूर्ण रूप से जून 2021 में बहाल हुई है। वहीं, जीएमसीएच-32 व पीजीआई में यह सुविधा जुलाई के अंत तक लागू हो सकी। उसके बाद से अब तक इन तीनों अस्पतालों में 5600 सर्जरी हो चुकी है, लेकिन अब भी हजारों मरीज तारीख के इंतजार में हैं।

मेल और फीमेल वार्ड एक में

कोविड वार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच-16 के दो सर्जिकल वार्ड को एक करते हुए पुरुष व महिला मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था लागू कर दी है। ऐसे में मरीजों का कहना है कि कोविड के कारण स्थिति महीनों बाद सामान्य हो पाई है। इस दौरान प्रशासन को आपातकाल से बचाव के लिए अतिरिक्त व्यवस्था कर लेनी चाहिए ताकि तीसरी लहर की नौबत आने पर नॉन कोविड मरीजों का इलाज बाधित न करना पड़े।

कहां-कहां कोविड वार्ड

अस्पताल                    ऑक्सीजन           बेड आईसीयू


पीजीआई                       46                        12

जीएमसीएच-32               62                         8

जीएमएसएच-16              41                         8

सेक्टर-48 का अस्पताल    120                        0

स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रहा है कि संक्रमण दर को शून्य से ऊपर न आने दिया जाए। इसमें जनता का सहयोग सबसे जरूरी है। कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन बेहद घातक है। ऐसे में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक 


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